..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Friday, 1 March 2013

तेरा विस्तार

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हर तरफ विस्तार तेरा यह सकल संसार तेरा । तेरी ही हैं सब दिशाएं क्षितिज के उस पार तेरा ।। सूर्य तेरा, चन्द्र तेरा नक्षत्रों का हार त...
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Saturday, 23 February 2013

झील और पत्थर

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अभी-अभी सुनीता रूम से बाहर गई थी की मैं रूम में आया, देखा टेबल पर एक दो पुरानी  कॉपियाँ पड़ी थी।  एक कॉपी से एक फ़ोटो बाहर झाँक रहा  था...
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Dayanand Arya
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