..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Tuesday, 7 May 2013

। प्रहसन ।

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   पर्दा अभी उठा नहीं था । पर्दे के पीछे से आवाजें आ रही थी -      " भौं ... भौं ...       भौं ... भौं ...!!! "         ...
Saturday, 6 April 2013

तुम आते..

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वह नॉर्मली पार्टियों में नहीं जाता, बड़ा अनकम्फर्टेबल फील करता है । आज ही पता नहीं कितने  दिनों बाद दोस्तों के साथ पार्टी में आया था । दो...
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Dayanand Arya
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