..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Saturday, 25 May 2013

बावरा-मन

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(आज सुबह से ही वह कुछ अजीब सा महसूस कर रहा था- कुछ बँटा-बँटा सा।  पहले से चली आ रही उदासी भी, और उसको झुठलाती हुई, उसको चीड़ती हुई एक ताजग...
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Friday, 17 May 2013

यादों के भँवर- Whirling memories

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आ ! आज  हम मिलकर रो लें,  जो यादों के भँवर ने  हमें एक दूसरे के इतना पास ला छोड़ा है ।  डूबते उतरते हुए, इस भँवर में, कभी तो आ ज...
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Dayanand Arya
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