..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Friday, 26 December 2014

आने वाले तेरा स्वागत !

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आने वाले तेरा स्वागत ! नवल सूर्य की बंकिम किरणे  करती  तेरा फिर-फिर अभिनन्दन।  आने वाले तेरा स्वागत !                        ...
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Saturday, 13 December 2014

वो खाली समय

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मुझे समय मत दो... वो खाली समय जब मेरे पास करने को कुछ न हो, सोंचने को कुछ न हो।  जब मेरे इस ऊपरी बाहर से ओढ़े हुए सतह में कोई हलचल...
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Dayanand Arya
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