..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Tuesday, 13 January 2015

जीवन साथी के लिए -

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 मैं सुन नहीं पाया  तुम्हारे क़दमों के लय को  पहचान नहीं पाया  तुम्हारे दिल के तरंग को  तुम्हारे कंठ के उमंग को  बस इन्तजार ...
Sunday, 4 January 2015

चांदनी के नशे में

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यूँ चांदनी पीते-पीते हम तुम किस नशे में उड़ चले हैं चाँद तक तारों तक तारों के एक गुच्छे से  दूसरे गुच्छे तक कई मन्दाकनियों को पार कर ब...
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अपना क्य़ा है :-

Dayanand Arya
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