..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

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Wednesday, 23 September 2015

inspirations to cross the darkness of night

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रात : पर मैं जी रहा हूँ निडर जैसे कमल जैसे पंथी जैसे सूर्य क्योंकि कल भी हम खिलेंगे हम चलेंगे हम उगेंगे और वो सब साथ होंगे आज ...
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Saturday, 25 May 2013

बावरा-मन

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(आज सुबह से ही वह कुछ अजीब सा महसूस कर रहा था- कुछ बँटा-बँटा सा।  पहले से चली आ रही उदासी भी, और उसको झुठलाती हुई, उसको चीड़ती हुई एक ताजग...
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Dayanand Arya
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