..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Thursday, 22 March 2012

Floting Wishes!

›
हे  प्रभु ! एक  प्रार्थना  है  तुझसे  कि  ये  मासूम  मुस्कान  जिनका  अक्स  पड़ते  ही  खिल  उठता  है हर  उदास  दिल , हमेशा  य...
Tuesday, 20 March 2012

kasturi ki talash

›
मैं जब तक सोता जगता था, उठता बैठता था, खेलता कूदता, खाता पीता था ; इस कृत्रिमता  से  अछूते  कच्ची  भूमि  पे , कच्चे  घरों  में ,...
‹
›
Home
View web version

अपना क्य़ा है :-

Dayanand Arya
View my complete profile

Pages

▼
Powered by Blogger.