..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Thursday, 11 October 2012

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मन-झील के लहरों पर तैरती हुई  एक रंगीन ख्वाबों की डिबिया आ कर टकराई किनारे पड़े  हकीकत के चट्टानों से; वो सपने टूट गए  पर उनका ख...
Monday, 9 July 2012

Journey With Rays

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किरणों का जादू  कभी बंद आँखों से  महसूस करो  ये हवाए तुम्हारे रोम -रोम में समा जाना चाहती हैं;  ये किरणें  तुम्हारे भीतर उत...
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Dayanand Arya
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