..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Saturday, 24 January 2015

।। वासंती ।।

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            टूटे तार             खंड-खंड स्वर             राग विखंडित             क्षिप्त रागिनी ऐ मृदुले! जीवन के सुर-             ...
Tuesday, 13 January 2015

जीवन साथी के लिए -

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 मैं सुन नहीं पाया  तुम्हारे क़दमों के लय को  पहचान नहीं पाया  तुम्हारे दिल के तरंग को  तुम्हारे कंठ के उमंग को  बस इन्तजार ...
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अपना क्य़ा है :-

Dayanand Arya
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