..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Monday, 25 March 2013

द्वेष रहित सपनों का संसार (A conflict-less world of dreams )!

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न बंधने दें  रंगों को  रूढ़ प्रतीकों में- गोरा - सांवला  उजला - काला  भगवा - हरा  लाल - नीला  या ...
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Sunday, 17 March 2013

वो लम्हा

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उस लम्हे पे वक़्त तो ठहरा था  कुछ पल के लिए ;  पर हम ही आशंकित हो- उसके भीतर छुपी संभावनाओं से, उसे अपना न सके । ...
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अपना क्य़ा है :-

Dayanand Arya
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