..जिंदगी के नशे में.……

जिंदगी के नशे में \ कुछ गाता हूँ \ गुनगुनाता हूँ \ कभी चीखता चिल्लाता हूँ \ रोता रुलाता हूँ \ तो कभी हँसता हंसाता हूँ \ या कभी चादर ओढ़ कर \ चुप-चाप सो जाता हूँ…

Monday, 24 February 2014

बहता मन

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सोंचता हूँ बहने दूँ मन को इन मदमस्त हवाओं के साथ के शायद खुद ढूँढ़ सके कि यह क्या चाहता है। के शायद कहीं इसके सवालों का जवाब मिल जाये ...
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Thursday, 13 February 2014

प्रेम का डेल्टा प्रदेश

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तुमने ही तो मुझसे कहा था अनु ! माना कि मैं तुम्हारे track में न  पायी पर तुमने ही तो अपना पता लगने न दिया। म...
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Dayanand Arya
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